भारत में ई-कॉमर्स के लिए क्या क्या चुनौतियां हैं?

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भारत देश में ई-कॉमर्स उद्योग दिन व दिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि यह छोटे छोटे व्यापारियों को आकर्षित करता है कि उनका व्यापार भी इंटरनेट पर होना चाहिए। जिससे कि व्यापारियों का सामान अधिक से अधिक बिक सके और अधिक से अधिक लाभ कमाएं। यही कुछ बातें व्यापारियों को ई-कॉमर्स मार्केट में उतरने के लिए प्रोत्साहित करती है।

लेकिन ई-कॉमर्स उद्योग एवं व्यापारियों को भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में कुछ मुख्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जो कि हर व्यापारियों के लिए संभव नहीं होता कि वह ई-कॉमर्स बाजार में अपने पैर जमा पाए। 

यह कुछ मुख्य चुनौतियों हैं जो कि हर ई-कॉमर्स उद्योग को सामना करना पड़ता है।

1. जागरूकता में कमी

जब हम बात करते हैं इंटरनेट और ऑनलाइन शॉपिंग के बारे में, तो हमारा विकसित भारत देश इन गतिविधियों में आज भी अविकसित है। भारतीय आबादी के आधे से ज्यादा लोग अभी भी इंटरनेट के उपयोग से जागरूक नहीं है। और हम बात करें इंटरनेट और स्मार्टफोन के उपयोग की समझ रखने वाले लोगों की जो अभी भी ऑनलाइन फ्रॉड से अवगत नहीं है। यह भारतीय ई-कॉमर्स उद्योगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

2. कैश ऑन डिलीवरी

शुरुआती समय में ई-कॉमर्स उद्योग एवं व्यापारियों ने अपने उपभोक्ताओं को कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प दिया, जिसमें ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग करते समय ऑनलाइन भुगतान का विकल्प छोड़कर सीओडी विकल्प चुन सकें। लेकिन समय के चलते यह तकनीकी ई-कॉमर्स उद्योगों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ क्योंकि कुछ ग्राहक इस विकल्प का गलत उपयोग करते हैं। वे ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान सीओडी विकल्प चुनते हैं लेकिन उत्पाद डिलीवरी के समय स्वीकार करने से मना कर देते हैं। जिससे ई-कॉमर्स उद्योगों में नुकसान होता है। यह ई-कॉमर्स बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

3. अपर्याप्त प्लास्टिक मनी होल्डर

कुछ मुख्य ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर ऑनलाइन भुगतान के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट की आवश्यकता होती है। अपने भारत में अपर्याप्त मात्रा मैं प्लास्टिक मनी होल्डर है। जबकि हमारे भारत देश में सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों ने अपने खाता धारक को डेबिट कार्ड की सुविधा प्रदान कराई है एवं उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यह निश्चय ही एक सकारात्मक संकेत है जिससे कि ई-कॉमर्स उद्योगों में सामने आने वाली चुनौतियों का सामना कर सके।

4. ऑनलाइन सुरक्षा

बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स व्यापारी अपने ग्राहकों को एक सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा देते हैं और इसके लिए वे सुरक्षा सॉफ्टवेयर का खर्चा उठाते हैं। लेकिन कई छोटे ई-कॉमर्स उद्योग ऑनलाइन सुरक्षा को कोई महत्व नहीं देते और नजर अंदाज कर देते हैं। जिससे कि ग्राहकों के साथ पैसों के मामले में ऑनलाइन फ्रॉड होते हैं। ई-कॉमर्स उद्योग के सामने आने वाली इस चुनौती को दूर करने के लिए सभी ई-कॉमर्स उद्योगों को अपने ग्राहकों के लिए ऑनलाइन सुरक्षा की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।

5. स्पर्श और महसूस

भारतीय खरीदारों का स्वभाव ऐसा है कि वह कोई भी वस्तु खरीदने से पहले उसे छूना और महसूस करना चाहते हैं। जो कि ऑनलाइन शॉपिंग द्वारा असंभव है। हालांकि टिकट बुकिंग एवं मूवी टिकट्स आदि ई-कॉमर्स उद्योग अच्छी वृद्धि कर रहे हैं लेकिन ई-कॉमर्स प्लेटफार्म जैसे आभूषण, सौंदर्य आदि जैसे सामान ग्राहक खरीदने से पहले एक बार छूना और महसूस करना चाहते हैं। ऐसे ई-कॉमर्स उद्योगों को इस चुनौती का भी सामना करना पड़ता है।

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